हूल दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन ने वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि, कहा- क्रांति की मशाल कभी बुझ नहीं सकती

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रांची, 01 जुलाई: हूल दिवस के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीर शहीद सिदो मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चांद, भैरव, फूलो और झानो सहित संथाल हूल के सभी अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रांची स्थित सिदो-कान्हू पार्क पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से शुरू हुआ संथाल हूल केवल एक विद्रोह नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वाभिमान, जल-जंगल-जमीन तथा आदिवासी अस्मिता की रक्षा का ऐतिहासिक जनआंदोलन था। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू और उनके साथियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अंग्रेजी शासन को चुनौती दी और उनका बलिदान आज भी समाज को प्रेरित करता है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि “क्रांति की आग कभी बुझती नहीं है। उसकी चिंगारी हमेशा जीवित रहती है।” उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार आदिवासी महापुरुषों के सपनों को साकार करने और जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति तथा पहचान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी हूल क्रांति के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पूरे झारखंड में हूल दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि साहिबगंज के ऐतिहासिक भोगनाडीह में हजारों लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।