बेंगलुरु, 01 जुलाई: कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं का लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जिनका नाम कर्नाटक की मतदाता सूची में दर्ज होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखें, अन्यथा भविष्य में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है।
मंगलवार को SIR अभियान के पहले दिन मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्वयं अपने आवास पर एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के पात्र और पंजीकृत मतदाताओं तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने और नागरिकों को प्रक्रिया में हरसंभव सहायता देने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी मतदाता का पुराना मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है तो वह नया नंबर दर्ज करा सकता है। परिवार का एक सदस्य पूरे परिवार की ओर से आवेदन जमा कर सकता है तथा आवश्यक होने पर नाम और फोटो में संशोधन भी कराया जा सकता है। SIR के तहत घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य 29 जुलाई तक चलेगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी पहले चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR अभियान और उसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाती रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने मतदाता सूची में नाम दर्ज होने को सरकारी योजनाओं के लाभ से जोड़ने की बात कही है।