रांची, 08 जून: झारखंड सरकार ने राज्य में नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नई पुरस्कार नीति लागू की है। इस नीति के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध उत्पादन, भंडारण एवं बिक्री की सटीक सूचना देकर कार्रवाई में मदद करने वाले मुखबिरों और सरकारी कर्मचारियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, सूचना के आधार पर नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी होने पर संबंधित व्यक्ति को 3 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का इनाम दिया जा सकेगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ना और तस्करों के नेटवर्क को तोड़ना है।
सरकार का मानना है कि नशा तस्करी युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। ऐसे में जनसहभागिता के माध्यम से अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की रणनीति तैयार की गई है। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
राज्य में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को भी तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरकार को उम्मीद है कि नई इनाम नीति से अधिक लोग आगे आकर नशा कारोबारियों की जानकारी देंगे, जिससे राज्य में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह पहल नशामुक्त झारखंड के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।