इंजीनियरिंग प्रवेश में झारखंडी छात्रों की बढ़ी चिंता
रांची, 29 मई: झारखंड के इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। राज्य के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान Birla Institute of Technology Mesra में लंबे समय से लागू झारखंड के विद्यार्थियों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा अब समाप्त कर दिया गया है। नए शैक्षणिक सत्र से संस्थान में सभी सीटों पर प्रवेश ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
अब तक बीआइटी मेसरा में लगभग आधी सीटें झारखंड के छात्रों के लिए सुरक्षित रहती थीं, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत कम रैंक पर भी प्रवेश का अवसर मिल जाता था। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब सभी अभ्यर्थियों को देशभर के छात्रों के साथ समान प्रतिस्पर्धा में उतरना होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के बाद झारखंड के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर साइंस, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी लोकप्रिय शाखाओं में सीट हासिल करना कठिन हो सकता है। पहले होम स्टेट कोटा के तहत कटऑफ अपेक्षाकृत कम रहती थी, जबकि ऑल इंडिया कोटा में कटऑफ काफी ऊंची जाती है।
जानकारी के अनुसार, अब बीआइटी मेसरा में प्रवेश पूरी तरह से जेईई मेन रैंक और JoSAA/CSAB काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से होगा। संस्थान की ओर से जारी आरक्षण रोस्टर में पहले होम स्टेट और ऑल इंडिया दोनों श्रेणियों का अलग-अलग प्रावधान था, जिसे अब समाप्त किए जाने की तैयारी है।
इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि झारखंड में गुणवत्तापूर्ण सरकारी इंजीनियरिंग संस्थानों की संख्या सीमित है और बीआइटी मेसरा राज्य के छात्रों की पहली पसंद रहा है। ऐसे में होम स्टेट कोटा हटने से स्थानीय छात्रों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, संस्थान से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ऑल इंडिया मेरिट प्रणाली लागू होने से देशभर के प्रतिभाशाली छात्रों को समान अवसर मिलेगा और संस्थान की राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी।