नई दिल्ली, 27 मई: सीबीएसई द्वारा इस वर्ष लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली अब विवादों में घिरती जा रही है। री-इवैल्युएशन प्रक्रिया के दौरान कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि पोर्टल पर अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उनकी अपनी नहीं हैं। इस मामले ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
विवाद तब गहराया जब दिल्ली के एक छात्र ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि री-इवैल्युएशन के लिए उपलब्ध कराई गई उसकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका किसी अन्य छात्र की थी। छात्र ने कहा कि कॉपी में लिखावट, उत्तर देने का तरीका और प्रस्तुतीकरण पूरी तरह अलग था। मामले के वायरल होने के बाद CBSE ने जांच की और स्वीकार किया कि गलत Answer Sheet अपलोड हुई थी। बाद में बोर्ड ने छात्र को सही उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई।
इस घटना के बाद OSM प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। कई छात्रों ने पोर्टल क्रैश, धुंधली स्कैन कॉपी, गलत टोटलिंग, फीस भुगतान में गड़बड़ी और Answer Sheet डाउनलोड न होने जैसी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी उत्तर पुस्तिका के कई पन्ने गायब थे या कुछ उत्तरों को जांचा ही नहीं गया। वहीं सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों पर छात्रों ने OSM प्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
CBSE ने कहा है कि बोर्ड निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी वास्तविक शिकायतों की विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू करने से पहले तकनीकी ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत थी। फिलहाल इस विवाद ने लाखों छात्रों की परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसे को प्रभावित किया है।