मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार: डॉ. स्वराज

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रामगढ़, 26 अप्रैल 2026: विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में शनिवार को संगोष्ठी सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. स्वराज ने की। इस दौरान मच्छर जनित रोगों से बचाव, मलेरिया उन्मूलन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में इस वर्ष की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must” पर विशेष जोर देते हुए डॉ. स्वराज ने कहा कि मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जन-जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से साफ-सफाई रखने, जल जमाव रोकने और मच्छरदानी के उपयोग की अपील की।

दूसरे चरण में ई-संजीवनी (टेली-मेडिसिन) सेवाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता डॉ. स्वराज एवं जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (गैर संचारी रोग) डॉ. तुलिका रानी ने की। बैठक में टेली-कंसल्टेशन के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिक से अधिक मरीजों को टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

कार्यक्रम में डॉ. शमीम अख्तर, डॉ. जयश्री रागनी, डॉ. अपराजिता, डॉ. अम्बिका कुमारी, डॉ. मदन कुमार महतो, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. मनीषा कुमारी, डॉ. अमित आनंद, विशाल तिर्की, डॉ. पुजा, डॉ. चेतन बिरेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ. रित्विक, डॉ. पी.एन. सिंह एवं डॉ. वी.के. सिंह सहित कई चिकित्सा पदाधिकारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रदीप कुमार सिन्हा, सलाहकार डॉ. पल्लवी कौशल, क्षेत्रीय समन्वयक सुनील कुमार मधुकर, आमोद कुमार, विमल कुमार केशरी एवं मो. मिन्हाज अंसारी का सराहनीय योगदान रहा।