बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में भारी देरी, 51 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को शिक्षा ऋण का इंतजार, पढ़ाई पर संकट

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पटना, 24 अप्रैल 2026: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में फंड रिलीज और प्रोसेसिंग की देरी से 51 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। कई मामलों में लोन मंजूर हो चुका है, लेकिन राशि अभी तक छात्रों या उनके कॉलेजों के खाते में नहीं पहुंची है। इससे फीस जमा न कर पाने के कारण नाम कटने का खतरा मंडरा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, करीब 97 हजार छात्रों के लोन आवेदन मंजूर हो चुके थे, लेकिन अब तक केवल 46 हजार छात्रों को ही शिक्षा ऋण मिल पाया है। सबसे ज्यादा समस्या पटना जिले में है, जहां 3,536 से अधिक विद्यार्थियों का लोन लंबित है। अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

छात्रों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कई छात्र चार-पांच महीने से फंड का इंतजार कर रहे हैं। कॉलेज प्रबंधन फीस की मांग कर रहा है, जबकि बैंक और जिला शिक्षा वित्त निगम (DRCC) स्तर पर राशि आवंटन की कमी तथा जांच प्रक्रिया में देरी बताई जा रही है। एक अभिभावक ने बताया, “बच्चे का एडमिशन हो गया, लेकिन लोन नहीं आया तो नाम कट जाएगा। सरकार से जल्दी राहत की अपील है।”

बिहार सरकार की सात निश्चय योजना के तहत 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत 12वीं पास छात्रों को उच्च शिक्षा (टेक्निकल, प्रोफेशनल या सामान्य कोर्स) के लिए 4 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे पूरी तरह ब्याज मुक्त कर दिया था। चुकाने की अवधि भी बढ़ाई गई- 2 लाख तक के लिए 7 साल और 4 लाख तक के लिए 10 साल।

लेकिन वर्तमान में फंड की कमी और प्रशासनिक खामियों के कारण योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कुछ रिपोर्ट्स में खजाने पर दबाव का भी जिक्र किया जा रहा है।

प्रभावित छात्रों ने सरकार से तत्काल फंड रिलीज करने और प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की है। वे कहते हैं कि बिना लोन के पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा, लेकिन छात्रों को अभी इंतजार करना पड़ रहा है।