रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रांची, 28 नवंबर 2025। झारखंड हाईकोर्ट ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण की स्वीकृति को लेकर बड़ा और राहत भरा फैसला सुनाया है। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने स्पष्ट किया कि झारखंड पंचायत राज अधिनियम-2001 के अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण क्षेत्रों में भवन नक्शा स्वीकृति का पूर्ण अधिकार संबंधित ग्राम पंचायत को है। रांची रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (RRDA) या झारखंड अर्बन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (JURDA) जैसी संस्थाओं का इन क्षेत्रों में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।
एक याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने RRDA के उपाध्यक्ष द्वारा जारी सीलिंग एवं विध्वंस के आदेश को पूरी तरह अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया और संपत्ति से सील हटाने का तत्काल निर्देश दिया। कोर्ट ने इसे “अधिकार का स्पष्ट दुरुपयोग” बताया।
अदालत ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर करने वाली ऐसी कार्रवाइयाँ संवैधानिक नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण, नियमन और स्वीकृति केवल पंचायत राज अधिनियम एवं उसकी अधिसूचित नियमावली के तहत ही होगी। इस फैसले से राज्य के हजारों ग्रामीण निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी जो अब RRDA दफ्तर के चक्कर काटने से बच जाएँगे।
कानूनविदों ने इसे पंचायती राज व्यवस्था की मजबूती और ग्राम स्वराज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला PESA कानून के बेहतर क्रियान्वयन का रास्ता भी खोलेगा।