अवैध खनन पर झारखंड सरकार सख्त, सभी जिलों के डीसी-एसपी को कार्रवाई का निर्देश

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बालू समेत अन्य खनिजों के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर कसेगा शिकंजा, हर महीने देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट

रांची, 03 नवंबर: झारखंड में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी कारोबार पर रोक लगाने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर अवैध खनन, खनिजों के परिवहन और भंडारण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में केवल औपचारिकता पूरी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।

विभाग को लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को भी गंभीरता से लेने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से बालू उठाव पर प्रतिबंध की अवधि में होने वाले अवैध खनन और परिवहन पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। कार्रवाई के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी।

अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक महीने आयोजित करना अनिवार्य किया गया है। इसमें पुलिस, खनन, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। खान विभाग के मुख्यालय से प्राप्त शिकायतों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन किया जाएगा।

खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिलों में क्षेत्रवार छापेमारी एवं गश्ती दल गठित किए जाएंगे। इन दलों की कार्रवाई की हर महीने समीक्षा होगी। अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों, वाहनों और संस्थाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

बालू घाटों से अवैध उठाव और ढुलाई रोकने के लिए जरूरत के अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर चेकनाके स्थापित किए जाएंगे, ताकि बालू के परिवहन पर निगरानी रखी जा सके। विभाग ने बालू घाटों की नीलामी में सफल बोलीदाताओं को भी अपने घाटों पर होने वाली अवैध गतिविधियों की जानकारी जिला प्रशासन को देने की जिम्मेदारी सौंपी है।

खान विभाग ने बालू खनन के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी वर्ष 2016 और 2020 के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। विभाग की इस पहल का उद्देश्य अवैध खनन पर अंकुश लगाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सरकारी राजस्व की सुरक्षा करना है।