रामगढ़, 19 सितंबर: जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक एवं मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ई-विद्यावाहिनी, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रोजेक्ट रेल, प्रोजेक्ट इंपैक्ट सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने ई-विद्यावाहिनी के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की डिजिटल बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा ऑनलाइन मॉनिटरिंग की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और उपस्थिति पंजी को अद्यतन रखने का निर्देश दिया।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए संचालित प्रोजेक्ट रेल की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने साप्ताहिक एवं नियमित मूल्यांकन परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित करने पर जोर दिया। कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए विशेष रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया।
प्रोजेक्ट इंपैक्ट के तहत विद्यालयों के आधारभूत ढांचे, स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाओं और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने दोनों परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ पहुंचाने को कहा।
उपायुक्त ने सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के नियमित हेल्थ चेकअप कराने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने को कहा गया। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को रोस्टर के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जलापूर्ति से वंचित विद्यालयों में शीघ्र पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में नि:शुल्क किताब, यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग वितरण, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई), छात्रवृत्ति, खेलो झारखंड, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालय समेत अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।