राधा गोविंद विश्वविद्यालय में श्रद्धा और उल्लास के साथ हुई विश्वकर्मा पूजा

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प्रतिमा विसर्जन के साथ समारोह का हुआ समापन, खिचड़ी भंडारे में उमड़ी भीड़

रामगढ़, 18 सितंबर: राधा गोविंद विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय स्थित वर्कशॉप भवन में भगवान विश्वकर्मा पूजा एवं प्रतिमा विसर्जन समारोह श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और संस्थान की निरंतर प्रगति की कामना की।

पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य मुकेश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर किया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. शाह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृजन, निर्माण, तकनीक और कर्म-कौशल का प्रतीक माना जाता है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है। यह पर्व अपने कार्य के प्रति समर्पण, ईमानदारी और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

विश्वविद्यालय की सचिव प्रियंका कुमारी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा हमें अपने कार्य में निष्ठा, कुशलता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।

समारोह के दूसरे दिन हवन, पूजन और आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा।

पूजन कार्यक्रम के पश्चात विश्वविद्यालय परिवार, श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों के लिए प्रसाद स्वरूप खिचड़ी भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भगवान विश्वकर्मा के प्रति श्रद्धा एवं मंगलकामनाओं के साथ हुआ।