SIR ड्यूटी के नाम पर स्कूल से गायब नहीं रह सकेंगे शिक्षक, प्रतिनियुक्ति स्थल पर रोज देनी होगी उपस्थिति

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रांची, 15 सितंबर: झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षकों को लेकर स्कूल से दूर रहने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने निगरानी सख्त करने की तैयारी की है। SIR के तहत बड़ी संख्या में शिक्षकों को बूथ लेवल ऑफिसर समेत विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शिक्षक संगठनों की ओर से गैर-शैक्षणिक कार्य में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का विरोध भी किया गया था।

अब व्यवस्था यह सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है कि SIR कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक अपनी ड्यूटी के दौरान निर्धारित प्रतिनियुक्ति स्थल पर प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करें। केवल SIR कार्य का हवाला देकर विद्यालय से अनुपस्थित रहने या बिना वास्तविक ड्यूटी के प्रतिनियुक्ति दिखाने की शिकायतों पर निगरानी रखी जाएगी।

शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग पहले से ही ई-विद्यावाहिनी के माध्यम से ऑनलाइन/बायोमेट्रिक उपस्थिति की निगरानी कर रहा है। जिलों को शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

SIR कार्य के दौरान प्रतिनियुक्त शिक्षकों की उपस्थिति का रिकॉर्ड संबंधित प्रतिनियुक्ति स्थल पर उपलब्ध रहेगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिक्षक वास्तव में सौंपे गए कार्यस्थल पर मौजूद हैं या नहीं। प्रशासन का उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम समय पर पूरा कराने के साथ-साथ विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित नहीं होने देना है।

गौरतलब है कि SIR अभियान के दौरान शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को लगाने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई थी।

निगरानी का उद्देश्य यह है कि SIR की ड्यूटी भी पूरी हो और विद्यालयों में शिक्षकों की जवाबदेही भी बनी रहे। प्रतिनियुक्ति स्थल पर नियमित उपस्थिति नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण लिया जा सकता है और विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।