पटना, 03 अगस्त: बिहार की सबसे चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। लगभग तीन दशक से भाजपा का गढ़ रही बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह उनकी पहली चुनावी जीत होने के साथ-साथ भाजपा के लिए भी बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर भाजपा ने अंतिम समय में उम्मीदवार बदलकर नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा था, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था। मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों से ही प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए रहे और अंततः भाजपा को निर्णायक अंतर से पराजित कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बांकीपुर का परिणाम केवल एक विधानसभा सीट का फैसला नहीं है, बल्कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बदलते राजनीतिक रुझान का संकेत भी माना जा रहा है। लंबे समय से भाजपा के अभेद्य गढ़ मानी जाने वाली सीट पर मिली हार से पार्टी के लिए आत्ममंथन की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि जन सुराज पार्टी के लिए यह जीत बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुई है।
इस परिणाम के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। राजनीतिक दल अब इसे आगामी विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में देख रहे हैं। वहीं, जन सुराज पार्टी के समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया, जबकि भाजपा खेमे में हार को लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया है।