रांची, 03 अगस्त: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद बुलाए जा रहे इस सत्र में कुल पांच बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और वित्तीय प्रस्ताव सदन में रख सकती है, जबकि विपक्ष विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुका है।
विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह राज्य में कानून-व्यवस्था, कथित भ्रष्टाचार, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, बिजली-पानी की स्थिति तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। हाल के दिनों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद और छात्र आंदोलनों के मुद्दे भी सदन में गूंजने की संभावना है।
वहीं, सत्तापक्ष हेमंत सोरेन सरकार की उपलब्धियों, कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को सदन में प्रमुखता से रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है। सरकार का प्रयास रहेगा कि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के साथ जनहित से जुड़े प्रस्तावों को भी पारित कराया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न विवादित मुद्दों को देखते हुए यह मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। ऐसे में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।