रांची, 02 अगस्त: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण -2026 के तहत 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक प्रारूप मतदाता सूची पर दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया चलेगी। इस अवधि में मतदाता अपने नाम को मतदाता सूची में जोड़ने, संशोधित कराने, हटाने अथवा अन्य त्रुटियों के संबंध में आवेदन कर सकेंगे। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 5 अगस्त को होगा, जबकि प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण कर अंतिम मतदाता सूची निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों एवं बूथ लेवल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दावा-आपत्ति से संबंधित प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से सत्यापन किया जाए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना नियमानुसार जांच और सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न होने पाए।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावा-आपत्ति के दौरान आवश्यक होने पर आवेदकों से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। प्रमाण के रूप में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक अथवा अन्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी एवं अन्य जाति प्रमाण-पत्र, केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी पहचान-पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, परिवार रजिस्टर, भूमि या आवास आवंटन प्रमाण-पत्र, बैंक, डाकघर, एलआईसी अथवा अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा जारी मान्य दस्तावेज तथा संबंधित मतदान केंद्र की निर्वाचक नामावली की प्रमाणित प्रति, जिसमें आवेदक या उसके संबंधी का नाम दर्ज हो, स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दस्तावेजों की जांच पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ की जाए। यदि किसी आवेदन में अतिरिक्त प्रमाण की आवश्यकता हो तो संबंधित व्यक्ति को उचित अवसर दिया जाए। आयोग ने सभी जिला प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाए।
निर्वाचन विभाग ने राज्य के मतदाताओं से अपील की है कि 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम और विवरण का अवश्य मिलान करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो या नाम दर्ज नहीं हो, तो 4 सितंबर तक दावा अथवा आपत्ति दर्ज कर अपने मताधिकार को सुरक्षित करें।