आपदा प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त-एसपी ने विभागों को दिए समयबद्ध तैयारी के निर्देश

Spread the News

रामगढ़, 11 जुलाई: जिले में संभावित प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की उपस्थिति में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने समन्वित कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अग्निशमन विभाग को जिले के सभी फायर वाहनों की पहचान कर आवश्यकता अनुसार रणनीतिक स्थानों पर तैनात करने तथा सरकारी व निजी भवनों, होटल, अस्पताल, कारखानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिन संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं है, उन्हें शीघ्र एनओसी प्राप्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

उपायुक्त ने फैक्ट्री निरीक्षक को सभी लाइसेंसधारी उद्योगों में औद्योगिक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। वहीं सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संवेदनशील नदी, तालाब, जलाशयों व अन्य जल स्रोतों का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया। पतरातू क्षेत्र में संचालित बोटिंग गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की भी विशेष समीक्षा करने तथा संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने सभी थाना प्रभारियों को आपदा की स्थिति में आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने तथा सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठानों में तड़ित चालक लगाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपदा प्रबंधन संबंधी सुविधाएं सुदृढ़ रखने तथा सभी सीएचसी में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने, जबकि जनसंपर्क विभाग को आपदा से बचाव संबंधी जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाने को कहा गया।

उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को खुले और असुरक्षित कुओं की पहचान कर सूची उपलब्ध कराने, आपदा राहत राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा फसल, मकान एवं अन्य क्षति का शीघ्र आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्व तैयारी, बेहतर समन्वय, जनजागरूकता और समयबद्ध कार्रवाई से ही जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।