16 साल पुराने अलकतरा घोटाला मामले में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन के निदेशक को 3 साल की सजा

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रांची, 6 जुलाई। झारखंड के बहुचर्चित अलकतरा (बिटुमेन) घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलीप कुमार सिंह को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए तत्कालीन जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

यह मामला वर्ष 2010 में चक्रधरपुर-खरसावां क्षेत्र में 1.506 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य से जुड़ा है। जांच में सामने आया था कि सड़क निर्माण के दौरान 47 फर्जी बिटुमेन (अलकतरा) बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी। तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार द्वारा अनियमितताओं का खुलासा किए जाने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया था।

सीबीआई ने 16 फरवरी 2010 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और 22 अप्रैल 2011 को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद 5 अप्रैल 2018 को अदालत ने आरोप तय कर नियमित सुनवाई शुरू की। मुकदमे के दौरान कंपनी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह तथा तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार वर्मा का निधन हो गया, जबकि निदेशक दिलीप कुमार सिंह के विरुद्ध सुनवाई जारी रही।

जांच एजेंसियों के अनुसार, क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर सड़क निर्माण कार्यों के लिए फर्जी बिटुमेन चालान प्रस्तुत कर सरकारी राशि की निकासी करने का आरोप था। इस मामले में पहले भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कंपनी और उसके पूर्व निदेशकों की संपत्तियों को धनशोधन (पीएमएलए) मामले में जब्त किया था।

इस फैसले को झारखंड के लंबे समय से लंबित भ्रष्टाचार मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।