RIMS भूमि घोटाले में ACB का बड़ा एक्शन, 100 करोड़ की सरकारी जमीन मामले में बिल्डर हिरासत में

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रांची, 29 जून: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण से जुड़े बहुचर्चित भूमि घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डर शुभम साबू को हिरासत में लिया है। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य अधिकारियों, बिल्डरों और बिचौलियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद चल रही जांच का हिस्सा है। आरोप है कि RIMS के विस्तार के लिए अधिग्रहित लगभग 9.65 एकड़ सरकारी जमीन को वर्षों में कथित मिलीभगत से निजी संपत्ति के रूप में दर्ज कराया गया, म्यूटेशन और रजिस्ट्री कराई गई तथा उस पर बहुमंजिला अपार्टमेंट, मकान और व्यावसायिक भवन खड़े कर दिए गए।

ACB ने पहले ही इस मामले में अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी अब दस्तावेजों, जमीन के हस्तांतरण, नक्शा पास करने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। एजेंसी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण हटाए जाएं तथा यदि प्रभावित लोगों को मुआवजा देना पड़े तो उसकी वसूली दोषी अधिकारियों और बिल्डरों से की जाए, न कि सरकारी खजाने से। अदालत ने पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

ACB की ताजा कार्रवाई को इस बहुचर्चित भूमि घोटाले में बड़ी प्रगति माना जा रहा है। जांच एजेंसी अब पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने और सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतरण में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।