नई दिल्ली, 9 जून। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तेजी से आगे बढ़ते हुए 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून केरल से शुरू होकर कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तथा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों तक पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से अनेक क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो रही है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग ने बताया कि 4 जून को केरल में मानसून के प्रवेश के बाद इसके आगे बढ़ने की गति तेज रही। 5 से 7 जून के बीच मानसून ने गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों को कवर कर लिया।
आईएमडी ने आगामी दिनों में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश, जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की यह प्रगति खरीफ फसलों की बुआई के लिए अनुकूल संकेत है। कृषि क्षेत्र के लिए मानसून बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि देश की वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इसी मौसम में प्राप्त होता है।
आईएमडी के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून के और आगे बढ़कर मध्य भारत तथा पूर्वी भारत के अतिरिक्त क्षेत्रों को कवर करने की संभावना है। इसके साथ ही कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों में और वृद्धि हो सकती है।