बोकारो, 09 जून: झारखंड की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शामिल बोकारो विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से दावा किया जा रहा है कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट, स्थानांतरित और संदिग्ध नाम दर्ज हैं। कुछ पक्षों ने यह आरोप भी लगाया है कि सूची में करीब ढाई लाख नाम फर्जी या त्रुटिपूर्ण हो सकते हैं, हालांकि इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बोकारो विधानसभा सीट को मतदाताओं की संख्या के लिहाज से राज्य की सबसे बड़ी सीटों में गिना जाता है। निर्वाचन आयोग के पूर्व आंकड़ों के अनुसार इस विधानसभा क्षेत्र में पांच लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत रहे हैं, जिससे यह झारखंड की सबसे बड़े मतदाता आधार वाली विधानसभा सीटों में शामिल रही है।
इधर निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत घर-घर सत्यापन, डुप्लीकेट नामों की पहचान तथा मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले सभी दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी।
हाल ही में बोकारो में सैकड़ों मतदाता पहचान पत्र जंगल क्षेत्र में मिलने की घटना ने भी मतदाता सूची और पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए थे। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित रिपोर्ट तलब की है।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि यदि किसी मतदाता को सूची में गड़बड़ी, डुप्लीकेट नाम या फर्जी प्रविष्टि की जानकारी मिलती है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करा सकता है। सत्यापन के बाद ही किसी नाम को हटाने अथवा संशोधित करने की कार्रवाई की जाएगी।