नई दिल्ली, 07 जून: देशभर में चाय दुकानों, रेहड़ियों, ढाबों और छोटे-बड़े होटलों में समोसा, पकौड़ा तथा अन्य खाद्य पदार्थों को अखबार में रखकर परोसने या पैक करने की परंपरा अब मुश्किल में पड़ सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने खाद्य पदार्थों को अखबार, मुद्रित कागज या रीसाइकिल पेपर में परोसने और पैक करने पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
एफएसएसएआई के अनुसार अखबारों में प्रयुक्त स्याही में कई हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं, जो गर्म और तैलीय खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने पर खाने में मिल सकते हैं। इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। विशेष रूप से समोसा, पकौड़ा, जलेबी और अन्य तली हुई वस्तुओं को अखबार में रखने से रसायनों के खाद्य पदार्थ में घुलने का खतरा बढ़ जाता है।
प्राधिकरण ने सभी खाद्य कारोबार संचालकों, रेस्तरां, होटल, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और खानपान प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया है कि वे खाद्य सामग्री की पैकिंग और परोसने के लिए केवल खाद्य-सुरक्षित (फूड ग्रेड) सामग्री का ही उपयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन लंबे समय तक शरीर में पहुंचने पर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को भी ऐसे खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई है जो अखबार या अन्य मुद्रित कागज में परोसे जाते हैं।
एफएसएसएआई ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा विभागों को भी इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने तथा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इससे आने वाले दिनों में चाय दुकानों और होटलों में अखबार की जगह फूड ग्रेड पेपर, प्लेट और अन्य सुरक्षित सामग्री का उपयोग बढ़ने की संभावना है।