डीजल 100 के पार, फिर भी नहीं बढ़ेगा सरकारी बसों का किराया

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महंगाई के बीच सरकार का बड़ा फैसला, यात्रियों को मिली राहत

पटना, 27 मई: बिहार में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचने के बावजूद राज्य सरकार ने सरकारी बसों के किराए में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। सरकार के इस निर्णय से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पर आर्थिक दबाव जरूर बढ़ा है, लेकिन आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने के लिए किराया स्थिर रखने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में बस किराया बढ़ाने से छात्रों, मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।

सूत्रों के मुताबिक, परिवहन विभाग ने फिलहाल किराया वृद्धि के प्रस्ताव को रोक दिया है। विभाग अब बस संचालन में खर्च कम करने और राजस्व बढ़ाने के अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा सरकार की प्राथमिकता है और फिलहाल किराया बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।

राज्य के कई जिलों में चलने वाली सरकारी बसों में रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं। ऐसे में किराया नहीं बढ़ने से आम यात्रियों ने राहत की सांस ली है। यात्रियों का कहना है कि पहले से ही खाद्य पदार्थों, गैस और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ी हुई हैं, ऐसे में बस किराया बढ़ता तो घरेलू बजट और प्रभावित होता।

हालांकि निजी बस संचालकों ने डीजल कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए किराया बढ़ाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि बढ़ते खर्च के बीच पुराने किराए पर बस संचालन करना कठिन होता जा रहा है।

फिलहाल राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन तत्काल सरकारी बसों के किराए में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।