रांची, 23 मई: भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य में यह अभियान 20 जून 2026 से शुरू होगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 जून से 29 जून तक तैयारी एवं प्रशिक्षण कार्य होंगे। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। सत्यापन के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, स्थानांतरित अथवा डुप्लीकेट नामों को हटाने की प्रक्रिया भी चलेगी।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना सुनवाई के सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त कर सहयोग करने की अपील की है।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आयोग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बीएलओ को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और अपने नाम की पुष्टि समय पर अवश्य करें।