हजारीबाग, 19 मई: जिला में Jharkhand Academic Council की मैट्रिक परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले 59 हाई स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रवीण रंजन ने 95 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले स्कूलों के शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों और प्राचार्यों से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा परिणाम में हजारीबाग जिला राज्यभर में 14वें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष जिले की रैंकिंग सातवीं थी। शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। डीईओ ने कहा कि कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में बड़ी संख्या में छात्र असफल हुए हैं, जिससे स्कूलों का ओवरऑल रिजल्ट प्रभावित हुआ।
कार्रवाई की जद में आने वाले स्कूलों में पीएमश्री केबी हाई स्कूल, हिंदू प्लस टू स्कूल हजारीबाग, केएन प्लस टू स्कूल इचाक, राम नारायण प्लस टू स्कूल पदमा सहित कई अन्य विद्यालय शामिल हैं। विभाग ने संबंधित स्कूलों से जवाब तलब किया है।
इधर, शिक्षकों ने खराब रिजल्ट के पीछे कई कारण गिनाए हैं। उनका कहना है कि कमजोर छात्रों का नामांकन बढ़ने, सेंटअप परीक्षा बंद होने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों ने चुनाव ड्यूटी, जनगणना, बैंक खाता और प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों का अतिरिक्त दबाव भी बताया।
वहीं, झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ ने स्कूलों में फिर से सेंटअप परीक्षा शुरू करने और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग उठाई है। दूसरी ओर, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा है कि मैट्रिक और इंटर के रिजल्ट की समीक्षा कर आगे और भी कार्रवाई की जा सकती है।