पटना, 05 मई: बिहार की राजनीति में बड़ी हलचल के बीच राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख लगभग तय हो गई है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नए मंत्रियों के भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी जोरों पर चल रही है।
सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कैबिनेट विस्तार 6 या 7 मई 2026 को आयोजित किया जा सकता है, जबकि कई रिपोर्ट्स में 7 मई को अंतिम तारीख मानी जा रही है।
पटना के गांधी मैदान में बड़े स्तर पर मंच निर्माण, बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया है। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है, जिसमें वीआईपी मूवमेंट और संभावित हेलिपैड निर्माण भी शामिल है।
बताया जा रहा है कि इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है, जिससे यह आयोजन राजनीतिक दृष्टि से और महत्वपूर्ण हो गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हाल ही में दिल्ली दौरे से लौटे हैं, जहां उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर मंत्रियों की अंतिम सूची पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है और नामों पर अंतिम मुहर लग चुकी है।
इस बार के कैबिनेट विस्तार में जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
• विभिन्न दलों के बीच सीटों का बंटवारा तय किया गया है
• युवाओं और अनुभवी नेताओं का संतुलन रखा जाएगा
• महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विस्तार में लगभग 25–27 नए मंत्री शपथ ले सकते हैं। इसमें भाजपा, जदयू और अन्य सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, जिससे गठबंधन की मजबूती का संदेश जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कैबिनेट विस्तार केवल सरकार का विस्तार नहीं बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
बिहार में होने वाला यह मंत्रिमंडल विस्तार और गांधी मैदान में प्रस्तावित भव्य शपथ ग्रहण समारोह न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। पूरे राज्य की नजर अब इस समारोह और नए मंत्रिमंडल के गठन पर टिकी हुई है।