बंगाल में संवैधानिक संकट! ममता ने इस्तीफा देने से किया इनकार, BJP बहुमत के साथ तैयार

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कोलकाता, 6 मई 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारी करारी हार के बावजूद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। इससे राज्य में बड़ा संवैधानिक संकट पैदा हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि TMC मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। ममता बनर्जी खुद अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट पर BJP के सुवेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से हार गईं।

ममता बनर्जी ने कलकत्ता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “हम हारे नहीं, हराए गए हैं। मतगणना में धांधली हुई है। हम नैतिक रूप से जीते हैं। सवाल ही नहीं उठता कि मैं इस्तीफा दूं।” उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात करने से भी इनकार कर दिया और विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश शुरू कर दी।

संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री को विधानसभा में बहुमत साबित करना अनिवार्य है। हार के बाद परंपरा के अनुसार इस्तीफा देना चाहिए। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस BJP को सरकार बनाने का निमंत्रण दे सकते हैं। अगर ममता अड़ी रहीं तो अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगने की भी आशंका है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ममता का यह रवैया लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। BJP ने इसे “सत्ता से चिपके रहने की मिसाल” बताया है।

BJP नेता सुवेंदु अधिकारी और पार्टी की केंद्रीय कमान ने शांति बनाए रखने की अपील की है। पार्टी जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करने वाली है।

यह चुनाव 15 वर्षों के TMC शासन का अंत करता है और बंगाल में BJP की पहली सरकार बनाने की राह खोलता है। स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। आगे राज्यपाल की कार्रवाई, अदालती हस्तक्षेप या सड़क पर आंदोलन तय करेगा कि बंगाल का भविष्य क्या होगा।