रांची, 29 अप्रैल: झारखंड कैबिनेट ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) नियमावली-2026 को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा भाषा सूची को लेकर हुई। कैबिनेट ने मगही, भोजपुरी और अंगिका को क्षेत्रीय भाषाओं की सूची से फिलहाल बाहर रखने का निर्णय लिया है। इस मुद्दे पर कैबिनेट में मतभेद भी सामने आए।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय इस फैसले से नाराज बताई जा रही हैं। वहीं, पूर्व में जब जेटेट नियमावली में भाषा सूची पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, तब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की तबीयत बिगड़ गई थी। दोनों मंत्रियों के विरोध के बावजूद कैबिनेट ने नियमावली को मंजूरी दे दी।
यह फैसला जेटेट 2026 की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को प्रभावित कर सकता है। क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की मांग लंबे समय से उठ रही थी, लेकिन कैबिनेट ने फिलहाल इसे टाल दिया है।
सूत्रों के अनुसार, भाषा विवाद के कारण नियमावली पर पहले भी चर्चा टल चुकी थी। अब घटनोत्तर स्वीकृति के बाद नियमावली लागू हो जाएगी। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
विपक्ष और भाषाई संगठनों की ओर से इस फैसले का विरोध किए जाने की संभावना है। कई संगठन भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता वाली बैठक में कुल कई प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें जेटेट नियमावली सबसे महत्वपूर्ण रहा। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए यह निर्णय आवश्यक था।
अभ्यर्थी अब आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें परीक्षा तिथि, पात्रता और अन्य नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।