कोलकाता, 23 अप्रैल: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
पश्चिम बंगाल में इस चुनाव को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की साख से जोड़कर देखा जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्षी दलों ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। कई संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वहीं, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम सरकार अपनी उपलब्धियों के आधार पर जनता से समर्थन मांग रही है, जबकि विपक्ष ने राज्य सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की है।
चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों में मतदान को शांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल भी तैनात किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव के नतीजे न केवल दोनों राज्यों की राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।