रांची, 19 अप्रैल: रांची विश्वविद्यालय में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की वजह से छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। स्नातक चौथे सेमेस्टर (आर्ट्स स्ट्रीम) की भूगोल विषय की करीब 70 उत्तर पुस्तिकाएं गायब हो गई हैं। ये कॉपियां मूल्यांकन के लिए बिहार भेजी गई थीं, लेकिन वहां से इनके लापता होने की सूचना मिली है।
अप्रैल-मई 2025 में हुई परीक्षा का रिजल्ट अभी तक जारी नहीं हो सका है। छात्रों ने सितंबर 2025 में परीक्षा विभाग के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रभावित छात्रा दिव्या रानी बरनवाल ने कहा, “यूनिवर्सिटी का कहना है कि ज्योग्राफी की कई आंसर शीट्स गुम हो गई हैं। इससे हमारी उच्च शिक्षा और नौकरी की प्लानिंग प्रभावित हो रही है।”
परीक्षा नियंत्रक संजय सिंह ने बताया कि गुम उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए आंतरिक समिति गठित की गई थी, जो अपनी रिपोर्ट लगभग पूरा कर चुकी है। यूनिवर्सिटी ने फैसला लिया है कि जिन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं गायब हैं, उन्हें अन्य विषयों में प्राप्त अंकों के आधार पर औसत अंक दे दिए जाएंगे, ताकि उनका सत्र आगे बढ़ सके।
यह पहला मामला नहीं है। रांची विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों से परीक्षा में देरी, उत्तर पुस्तिकाएं गुम होना, रिजल्ट लेटलतीफी और डिग्री सर्टिफिकेट में गलतियों जैसी समस्याएं बार-बार सामने आती रही हैं। हाल ही में NSUI ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी लापरवाही उनके करियर को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने मांग की है कि यूनिवर्सिटी पारदर्शी तरीके से जांच पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
रांची विश्वविद्यालय के कुलपति और परीक्षा विभाग से इस मामले पर विस्तृत बयान की प्रतीक्षा है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट (ranchiuniversity.ac.in) पर नोटिस चेक करते रहें और अपनी शिकायतें छात्र grievance redressal सेल में दर्ज कराएं।
यह घटना झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित करती है।