पटना, 14 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का दिन आ गया है। लगभग 20 साल तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नीतीश कुमार ने आज पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही एनडीए की नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
बीजेपी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधानमंडल दल का नेता चुना गया है। बैठक में यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित अन्य केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में यह फैसला लिया गया। सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखने वाले विजय कुमार सिन्हा को उपनेता चुना गया है।
सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। यह पहली बार होगा जब भाजपा का कोई नेता बिहार का मुख्यमंत्री बनेगा। कल (15 अप्रैल 2026) को शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना है, जिसमें सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम बनने की चर्चा है, जिनमें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम प्रमुख है।
• नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की आखिरी बैठक में भावुक होते हुए इस्तीफे का ऐलान किया और कहा कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलेगा।
• सम्राट चौधरी (कुशवाहा समुदाय) के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जो उनके सीएम बनने की संभावना को मजबूत करता है।
• 2025 विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद भाजपा अब बड़े भाई की भूमिका में आ गई है और मुख्यमंत्री पद अपने पास रखने जा रही है।
सम्राट चौधरी पिछली सरकार में गृह मंत्री और डिप्टी सीएम रहे हैं। उनका चयन जातीय समीकरण, अनुभव और पार्टी की रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया लगता है। इससे बिहार में भाजपा की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है।
सम्राट चौधरी ने पार्टी का आभार जताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने बिहार के विकास को नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया। नीतीश कुमार ने भी नई सरकार को सफल बनाने का आश्वासन दिया।
यह बदलाव बिहार की राजनीति में स्थिरता के साथ-साथ नई दिशा का संकेत दे रहा है। शपथ ग्रहण के बाद नई कैबिनेट और विभागों का बंटवारा भी जल्द स्पष्ट होने की संभावना है।