रामगढ़, 04 अप्रैल: राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़ में शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “ट्रांसफॉर्मिंग लेंसेस इन हायर एजुकेशन” रहा।
यह व्याख्यान मुख्य रूप से पिछड़े एवं अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए उच्च शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर केंद्रित था। सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, इसके बाद अतिथियों को पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह सत्र सभी के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध होगा।
दिल्ली स्थित एफआईसीसीआई के डायरेक्टर एंड हेड, एजुकेशन एंड स्किल्स डॉ. राजेश पंकज ने उच्च शिक्षा में नवाचार, शोध पद्धति, करियर विकास एवं कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद भी किया और कहा कि “उच्च शिक्षा युवाओं को अवसर नहीं देती, बल्कि उन्हें अवसरों का सृजन करना सिखाती है।”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी.एन. साह ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास एवं ज्ञानवर्धन में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं।
सचिव प्रियंका कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर चिंतन, नई सोच और उत्कृष्टता की भावना को जागृत करने का सशक्त मंच है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमरेश पांडेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रंजना पांडेय ने प्रस्तुत किया।
मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के व्याख्याता, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम राधा गोविन्द विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा को अधिक समावेशी, नवाचारी और कौशल-उन्मुख बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।