रांची, 16 जून: झारखंड सरकार राज्यकर्मियों को त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई डिजिटल पहल शुरू करने जा रही है। इस व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन माध्यम से मात्र 60 सेकंड में ऋण स्वीकृति की सुविधा मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा और कर्मचारियों को पारदर्शी एवं सरल तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
नई प्रणाली के तहत राज्यकर्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आवेदन कर सकेंगे, जहां उनकी सेवा संबंधी जानकारी और वेतन विवरण का स्वतः सत्यापन होगा। पात्रता पूरी होने पर ऋण की स्वीकृति तत्काल जारी की जाएगी। इससे कर्मचारियों को आपातकालीन जरूरतों के लिए बैंक और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से ऋण वितरण प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनेगी। इस पहल से हजारों राज्यकर्मियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार पहले भी कर्मचारियों के लिए आवास ऋण की सीमा बढ़ाकर 60 लाख रुपये तक कर चुकी है और अब डिजिटल ऋण सुविधा को कर्मचारी हित में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था कर्मचारियों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी और वित्तीय सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को समयबद्ध और सहज वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।