रांची, 02 फरवरी: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय बजट को झारखंडवासियों के लिए निराशाजनक और धोखाधड़ीपूर्ण बताते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्य ने उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान एम्स की मांग की थी, लेकिन बजट में पूर्वी भारत के लिए राहत के रूप में प्रस्तुत 500 बेड के मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल की घोषणा को “पागलखाना” कहकर खारिज कर दिया।
डॉ. अंसारी ने कहा, “केंद्र सरकार से हमने एम्स मांगा था, लेकिन मुझे पागलखाना मिला। भाजपा वाले झारखंड के लोगों को पागल समझ रहे हैं। यहां पर मेंटल हॉस्पिटल पहले से ही है। केंद्रीय बजट ने झारखंड को ठगने का काम किया है।”
उन्होंने बजट को “अमृतकाल” के बजाय “जहर वाला बजट” करार दिया और कहा, “बीजेपी कहती है कि यह अमृतकाल का बजट है, लेकिन यह अमृत नहीं जहर वाला बजट है। यह लोगों को मारने वाला बजट है। इस बजट ने सभी वर्गों को निराश किया है।”
मंत्री ने आरोप लगाया कि यह बजट आम जनता के लिए राहत के बजाय “हार्ट अटैक” जैसा है, जिसमें महंगाई से जूझ रहे लोगों को कोई वास्तविक मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ केंद्र ने सौतेला व्यवहार किया है, जहां राज्य की प्रमुख मांगों को नजरअंदाज कर कम प्राथमिकता वाली सुविधा दी गई।
बता दें कि केंद्रीय बजट 2026-27 में रांची को निमहांस -2 जैसी मानसिक स्वास्थ्य संस्था या 500 बेड के मेंटल हेल्थ हॉस्पिटल की स्थापना की घोषणा की गई है, जिसे केंद्र पूर्वी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बता रहा है। हालांकि, राज्य सरकार इसे अपर्याप्त और अपमानजनक मान रही है, क्योंकि झारखंड लंबे समय से एम्स की मांग कर रहा था।
विपक्षी दलों ने भी बजट की आलोचना की है, जबकि सत्ताधारी भाजपा इसे विकसित भारत के संकल्प वाला बजट बता रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।