रिपोर्ट: संतोष कुमार (@santoshrmg)
रामगढ़, 25 नवंबर 2025: जिले में पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए आज से विशेष अभियान की शुरुआत हो गई। जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती सूधा देवी और सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद ने सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
यह अभियान 20 दिसंबर 2025 तक जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चलेगा। सिविल सर्जन ने बताया कि झारखंड में वर्तमान प्रजनन दर 2.3 है जिसे 2.1 से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए पुरुषों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
जिला परिषद अध्यक्ष सूधा देवी ने कहा, “सहिया दीदियों और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे गाँव-गाँव जाकर अंतिम व्यक्ति तक इस संदेश को पहुँचाएँ। परिवार नियोजन में लापरवाही से न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि माँ-बच्चे का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ता है।”
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवल कुमार और जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. अजय चौधरी ने पुरुष नसबंदी की आधुनिक तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “आजकल नो-स्कैल्पल वैसेक्टॉमी की जाती है जिसमें न तो टांका लगता है और न ही चीरा। महज 10-15 मिनट का ऑपरेशन है और मरीज तुरंत बाद अपने काम पर लौट सकता है। यह पूरी तरह सुरक्षित और स्थायी उपाय है।”
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. उदय शंकर श्रीवास्तव, डॉ. शमीम, ब्लॉक स्तर के चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के सदस्य, बीटीटी टीम और सैकड़ों सहिया दीदियाँ उपस्थित रहीं।
जिले में इस अभियान के दौरान पुरुष नसबंदी कराने वालों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी तथा सभी सुविधाएँ निःशुल्क रहेंगी।