रांची, 18 सितंबर 2025: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। सेठ ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों और रवैये के कारण जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं जैसे चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और ईवीएम पर सवाल उठाने का आरोप लगाया और इसे “राजनीतिक दिवालियापन” करार दिया।
संजय सेठ ने कहा, “राहुल गांधी का बार-बार संविधान को दिखाना और उसका राजनीतिक उपयोग करना जनता को प्रभावित नहीं करता। संविधान हमारे लिए पवित्र ग्रंथ है, न कि वोट मांगने की वस्तु। उनके इस रवैये से लोकतंत्र कमजोर होता है, और यही कारण है कि जनता ने उन्हें बार-बार चुनावों में खारिज किया है।”
वहीं, इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके सवाल जनता की भावनाओं को दर्शाते हैं। एक हालिया सर्वे में 48% लोगों ने राहुल के “वोट चोरी” के आरोप को गंभीर माना, जबकि 27% ने इसे निराधार बताया।
यह विवाद राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये और उनके बयानों को लेकर चल रही बहस को और तेज करता है। जहां सत्तापक्ष इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा मानता है।
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राहुल गांधी के रवैये पर संजय सेठ का तंज: “जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती”
रांची, 18 सितंबर 2025: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। सेठ ने कहा कि राहुल गांधी के बयानों और रवैये के कारण जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं जैसे चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और ईवीएम पर सवाल उठाने का आरोप लगाया और इसे “राजनीतिक दिवालियापन” करार दिया।
संजय सेठ ने कहा, “राहुल गांधी का बार-बार संविधान को दिखाना और उसका राजनीतिक उपयोग करना जनता को प्रभावित नहीं करता। संविधान हमारे लिए पवित्र ग्रंथ है, न कि वोट मांगने की वस्तु। उनके इस रवैये से लोकतंत्र कमजोर होता है, और यही कारण है कि जनता ने उन्हें बार-बार चुनावों में खारिज किया है।”
वहीं, इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि उनके सवाल जनता की भावनाओं को दर्शाते हैं। एक हालिया सर्वे में 48% लोगों ने राहुल के “वोट चोरी” के आरोप को गंभीर माना, जबकि 27% ने इसे निराधार बताया।
यह विवाद राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये और उनके बयानों को लेकर चल रही बहस को और तेज करता है। जहां सत्तापक्ष इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा मानता है।
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