बंगाल चुनाव में ‘खाने की सियासत’ गरम: झालमुड़ी से माछ-भात तक नेताओं की तस्वीरें वायरल

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कोलकाता/झाड़ग्राम, 21 अप्रैल: पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में इस बार राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ ‘फूड पॉलिटिक्स’ भी सुर्खियों में है। स्थानीय खानपान के जरिए मतदाताओं से जुड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।

हाल ही में झाड़ग्राम में आयोजित जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की झालमुड़ी खाते हुए तस्वीरें सामने आईं। भाजपा समर्थकों ने इसे बंगाल की संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक बताया। इसके कुछ ही समय बाद चंपाई सोरेन की माछ-भात का स्वाद लेते हुए तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसे विपक्षी खेमे ने ‘जमीनी नेता’ की छवि से जोड़ा।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बंगाल में भोजन और राजनीति का पुराना संबंध रहा है। चुनावी समय में स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से नेताओं द्वारा आम लोगों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश नई नहीं है, लेकिन इस बार यह रणनीति और ज्यादा स्पष्ट नजर आ रही है।

सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। जहां एक ओर समर्थक इसे जनसंपर्क का प्रभावी तरीका बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे महज चुनावी दिखावा करार दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान में खानपान की अहम भूमिका है, ऐसे में ‘फूड पॉलिटिक्स’ मतदाताओं के मनोविज्ञान पर असर डाल सकती है। अब देखना यह होगा कि यह चुनावी दांव मतदान के नतीजों पर कितना प्रभाव छोड़ता है।