बैजनाथ राम होंगे जेएमएम के राज्यसभा प्रत्याशी, झारखंड की राजनीति में बढ़ी हलचल

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रांची, 6 जून। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने वरिष्ठ नेता बैजनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। इस घोषणा के साथ ही सत्तारूढ़ महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान और खुलकर सामने आ गई है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस द्वारा पहले ही प्रणव झा को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जेएमएम नेतृत्व ने आपत्ति जताई थी। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित करने से पहले सहयोगी दल से पर्याप्त चर्चा नहीं की। इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में जेएमएम विधायकों की बैठक हुई, जिसमें अधिकांश विधायकों ने दोनों सीटों पर जेएमएम प्रत्याशी उतारने की वकालत की।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद बैजनाथ राम के नाम पर सहमति बनी और उन्हें राज्यसभा चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर लिया गया है।

राज्य में 18 जून को दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। एक सीट जेएमएम संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के कारण रिक्त हुई थी, जबकि दूसरी सीट पर भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विधानसभा में महागठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है, लेकिन उम्मीदवारों को लेकर सहयोगी दलों के बीच मतभेद राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के बहाने जेएमएम और कांग्रेस के बीच बढ़ी खींचतान आने वाले दिनों में महागठबंधन की रणनीति और संबंधों की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल सभी की नजरें नामांकन प्रक्रिया और दोनों दलों के अगले कदम पर टिकी हैं।