बेंगलुरु: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में पहली बार चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न एक बड़ी त्रासदी में बदल गया। 4 जून को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अब इस मामले में पुलिस ने RCB सहित तीन संस्थाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
तीन पक्षों पर लापरवाही का आरोप
कब्बन पार्क पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, इवेंट आयोजक कंपनी डीएनए और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) को आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में इन तीनों पर कार्यक्रम के दौरान भीड़ नियंत्रण में गंभीर लापरवाही बरतने और सुरक्षा प्रबंधन में चूक के आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 105, 125(1)(2), 132, 121/1 और 190 आर/डब्ल्यू 3(5) के तहत दर्ज की गई है।
पुलिस ने पहले ही दी थी चेतावनी
सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु पुलिस ने पहले ही आयोजकों को विक्ट्री परेड और भारी भीड़ जुटने की आशंका को लेकर सचेत किया था। पुलिस ने 4 जून को जश्न मनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और इसे आगे बढ़ाने की सिफारिश की थी। उनका तर्क था कि भारी भीड़ की संभावना के कारण सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल हो सकता है। पुलिस ने कार्यक्रम को रविवार तक टालने की सलाह दी थी, लेकिन आयोजकों ने विदेशी खिलाड़ियों की जल्द विदाई का हवाला देते हुए आयोजन पर अड़े रहे।
जश्न के दौरान मचा था कोहराम
भगदड़ की यह घटना तब घटी जब स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में लोग जमा हो गए। अचानक अफरातफरी मच गई और कई लोग कुचल गए। हैरान करने वाली बात यह रही कि हादसे के बाद भी स्टेडियम के अंदर कार्यक्रम बिना किसी रोक-टोक के जारी रहा, जिसे लेकर कड़ी आलोचना हो रही है।
मानवाधिकार आयोग और हाईकोर्ट ने जताई चिंता
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस पूरे मामले में आयोजकों और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने कहा कि हादसे के वक्त भीड़ नियंत्रण के कोई ठोस इंतजाम नहीं थे और प्रशासनिक उदासीनता स्पष्ट रूप से नजर आई। वहीं कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
जांच के घेरे में आयोजक और प्रशासन
बेंगलुरु के शहरी डिप्टी कमिश्नर जी. जगदीश ने बताया है कि हादसे की विस्तृत जांच के लिए RCB, KSCA और पुलिस आयुक्त बी. दयानंद को नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रशासन इस बात की जांच करेगा कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, जबकि पहले से ही भीड़ को लेकर चेतावनी दी जा चुकी थी।
यह हादसा सिर्फ एक आयोजन की विफलता नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। अब देखना होगा कि जांच में कौन दोषी पाया जाता है और क्या कड़े कदम उठाए जाते हैं।