नई दिल्ली: देश में इस वर्ष मानसून समय से पहले दस्तक दे चुका है, जिससे उत्तर से दक्षिण तक कई इलाकों में मौसम खुशनुमा हो गया है। लेकिन पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। असम में 24 मई को मानसून पहुंचने के बाद से अब तक 19 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि राज्य के 21 जिलों में लगभग 6.8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
पूर्वोत्तर में भीषण स्थिति, राहत कार्य जारी
अरुणाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश और भूस्खलन ने अब तक 12 जानें ली हैं और दो लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। बीते 11 दिनों में पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कुल 49 मौतें हो चुकी हैं। जिनमें असम में 19, अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय व मिजोरम में 6-6, सिक्किम में 3, त्रिपुरा में 2 और नगालैंड में 1 व्यक्ति की जान गई है।
देशभर में अलर्ट, मौसम ने बदली करवट
भारतीय मौसम विभाग ने 25 राज्यों में तेज हवा और बारिश की चेतावनी दी है। मध्य भारत में मानसून महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा पर अटका हुआ है और अनुमान है कि यह 10 जून तक मध्य प्रदेश तक पहुंच जाएगा। हालांकि, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की शुरुआत हो चुकी है।
राजस्थान में बुधवार को कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर सभी इलाकों को इससे राहत मिली। गुरुवार के लिए राज्य के 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
कहीं ठंडक, कहीं गर्मी का प्रकोप
उत्तर प्रदेश, बिहार समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं, जबकि उत्तर पश्चिमी इलाकों में आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में 4 से 6 डिग्री तक वृद्धि होने की संभावना है।
पूर्वोत्तर में भारी वर्षा की रफ्तार शुक्रवार से थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन अगले एक हफ्ते तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं ओडिशा और राजस्थान के कुछ भागों में लू का असर दिखेगा और 6 जून के बाद राजस्थान के तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है।
जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में मानसून ने राहत दी है, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में यह आफत बनकर टूटा है। हालात पर नजर रखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय हैं, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।