भारतीय रेलवे ने रचा नया कीर्तिमान, एक मिनट में 31,814 टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड

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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने टिकट बुकिंग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 22 मई को रेलवे की ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली ने महज एक मिनट में 31,814 टिकट जारी कर नया रिकॉर्ड बना दिया। यह उपलब्धि रेलवे की डिजिटल क्षमता और तकनीकी दक्षता का जीवंत उदाहरण मानी जा रही है।

रेल मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड न सिर्फ रेलवे की सेवा प्रणाली की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि इससे यह भी सिद्ध होता है कि रेलवे अब बड़ी संख्या में यात्रियों की मांग को डिजिटल रूप से पूरा करने में सक्षम हो चुका है।

इस बीच, अनाधिकृत टिकट बुकिंग पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने अपने एआई आधारित सिस्टम से 2.5 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी को निष्क्रिय कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि टिकटों की पारदर्शी और निष्पक्ष बुकिंग सुनिश्चित करने के लिए नए यूजर प्रोटोकॉल जल्द ही लागू किए जाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत, जिन यात्रियों का आधार से प्रमाणीकरण नहीं होगा, वे एडवांस, तत्काल और प्रीमियम तत्काल श्रेणी की टिकट बुकिंग टिकट पंजीकरण के तीन दिन बाद ही कर पाएंगे। वहीं, आधार से प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को तत्काल बुकिंग की सुविधा तुरंत मिल सकेगी।

रेलवे ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में औसतन दैनिक लॉगिन उपयोगकर्ता बढ़कर 82.57 लाख हो गए हैं, जो पिछले वर्ष के 69.08 लाख की तुलना में 19.53 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में रोजाना औसत टिकट बुकिंग में भी 11.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि कुल आरक्षित टिकटों में से 86.38 प्रतिशत अब ई-टिकटिंग के माध्यम से बुक किए जा रहे हैं। रेलवे ने अपने टिकटिंग प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव किए हैं, जिनमें अत्याधुनिक एंटी-बॉट तकनीक और एक प्रभावशाली कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) सेवा प्रदाता के साथ एकीकरण शामिल है।

इस कदम से जहां अवैध एजेंटों द्वारा बॉट के जरिये तत्काल टिकट बुक करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगा है, वहीं आम यात्रियों के लिए टिकटिंग वेबसाइट की स्पीड और पहुंच में भी सुधार हुआ है। खासतौर पर तत्काल बुकिंग के शुरुआती पांच मिनट में बॉट ट्रैफिक का प्रभाव अब काफी कम हो गया है, जो पहले कुल लॉगिन प्रयासों का करीब 50% होता था।

रेलवे की यह उपलब्धि डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।