रामगढ़/रांची, 02 नवंबर: दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में झारखंड की ओर से हजारों लोगों ने भागीदारी निभाई। राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की के नेतृत्व में झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, समर्थक एवं आम लोग दिल्ली पहुंचे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के आह्वान पर आयोजित इस महारैली में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। रैली में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
महारैली में झारखंड से पहुंचे लोगों ने केवल संख्या के बल पर ही नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के माध्यम से भी उपस्थिति दर्ज कराई। झारखंड की समृद्ध कला, संस्कृति और आदिवासी परंपराओं की झलक देखने को मिली। विशेष रूप से टाना भगत समुदाय के लोगों ने अपने पारंपरिक वाद्ययंत्र भेरी की गूंज से रामलीला मैदान में झारखंडी अस्मिता का संदेश दिया।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रैली में उमड़ी भीड़ को लोकतंत्र और संविधान के प्रति जनता की जागरूकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट है।
वहीं, बंधु तिर्की ने भी झारखंड से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। गौरतलब है कि महारैली में शामिल होने के लिए 29 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी स्थित बंधु तिर्की के आवास से 13 बसों को हरी झंडी दिखाकर दिल्ली रवाना किया गया था। इसके अलावा विभिन्न जिलों से लोग ट्रेन और अन्य माध्यमों से भी दिल्ली पहुंचे।