ज्ञानेश के बाद अब आपका नंबर’, राहुल गांधी की पीएम मोदी और अमित शाह को चेतावनी

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नई दिल्ली, 02 नवंबर: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित विपक्षी गठबंधन INDIA की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में चुनावी प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ कर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया जा रहा है।

रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भी जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कथित वोट चोरी के मामले में दोनों नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और उन्हें कानून से बचकर भागने नहीं दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद देशभर में करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इसे आम नागरिकों की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों की चोरी करार दिया। उनका आरोप था कि मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों में चुनावी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने ईवीएम और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने को लेकर भी सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर आरएसएस और भाजपा का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश का संविधान और लोकतंत्र किसी व्यक्ति या संगठन की संपत्ति नहीं है, बल्कि जनता की ताकत है।

रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। खरगे ने भी भाजपा पर चुनावी जनादेश के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और लोकतंत्र बचाने के लिए विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया।

राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रैली के आयोजन के समय पर सवाल उठाते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी का जिक्र किया। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है।

इस रैली के साथ ही देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।