1 नवंबर से फोन पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम, DoT का टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश

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सिम खरीदते समय दिए गए KYC रिकॉर्ड के आधार पर होगी पहचान, अनजान और फर्जी कॉल की पहचान करने में मिलेगी मदद

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: देश में मोबाइल फोन पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान करना जल्द आसान हो सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 नवंबर 2026 से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा लागू करने के निर्देश टेलीकॉम कंपनियों को दिए हैं। इसके तहत इनकमिंग कॉल के दौरान फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर और नाम दोनों दिखाई देंगे। यह व्यवस्था शुरुआती तौर पर 4G और उससे अधिक तकनीक वाले मोबाइल नेटवर्क पर लागू होगी।

दूरसंचार विभाग के 13 अक्टूबर 2026 के निर्देश के अनुसार, यदि कॉल करने वाले का नंबर रिसीवर के मोबाइल में सेव है, तो स्क्रीन पर फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में दर्ज नाम दिखाई देगा। वहीं, यदि नंबर सेव नहीं है, तो घरेलू कॉल के मामले में संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम प्रदर्शित किया जाएगा। यह नाम सिम लेते समय जमा किए गए ग्राहक पहचान संबंधी दस्तावेजों (KYC) के रिकॉर्ड पर आधारित होगा।

इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान आसान बनाना और स्पैम, धोखाधड़ी तथा परेशान करने वाली कॉल पर अंकुश लगाने में मदद करना है। फिलहाल कई लोग अनजान नंबरों की पहचान के लिए थर्ड पार्टी कॉलर आईडी ऐप का इस्तेमाल करते हैं। नई व्यवस्था में नाम दिखाने के लिए अलग से किसी ऐप की जरूरत नहीं होगी और सेवा के लिए उपयोगकर्ता को अलग आवेदन भी नहीं करना पड़ेगा।

अंतरराष्ट्रीय कॉल के मामले में, यदि नंबर फोन में सेव नहीं है, तो स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने के बजाय ‘International Call’ प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं, जिन ग्राहकों ने निर्धारित नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन प्रतिबंध सुविधा सक्रिय कर रखी है, उनका नाम प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।

हालांकि, नाम दिखाई देने से हर कॉल के सुरक्षित होने की गारंटी नहीं होगी। इसलिए मोबाइल उपयोगकर्ताओं को बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा करने से पहले सतर्क रहना चाहिए। 2G और 3G नेटवर्क तथा लैंडलाइन पर इस सेवा को लागू करने के संबंध में अलग से विचार किया जाएगा।