झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह बने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश

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रांची, 07 अक्टूबर: झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से सोमवार, 5 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह के साथ गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय को भी सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है।

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह का झारखंड से विशेष जुड़ाव रहा है। उनका जन्म 7 जुलाई 1965 को हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स और एलएलबी की पढ़ाई की। वर्ष 1990 में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण के बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में 1990 से 2000 तक वकालत की। इसके बाद वर्ष 2001 से झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की। 24 जनवरी 2012 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 16 जनवरी 2014 को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।

न्यायमूर्ति सिंह झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने 20 दिसंबर 2022 से 19 फरवरी 2023 तक झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 17 अप्रैल 2023 को उन्होंने त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। स्थानांतरण के बाद 19 जुलाई 2025 को उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह समेत तीन हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के साथ नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई।

न्यायमूर्ति सिंह के सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद तेलंगाना हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति पी. साम कोशी को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति न्यायमूर्ति सिंह के पद छोड़ने और सुप्रीम कोर्ट में शपथ लेने की तारीख से प्रभावी होगी।

इन तीन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट की कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 37 हो गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 38 है। न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह का सुप्रीम कोर्ट में पहुंचना झारखंड हाईकोर्ट से उनके लंबे न्यायिक जुड़ाव के कारण राज्य के न्यायिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।