बेंगलुरु की तर्ज पर रांची में बनेगा 100 एकड़ का आईटी पार्क, 75 हजार रोजगार का लक्ष्य

Spread the News

रांची, 30 सितंबर: झारखंड की राजधानी रांची को आईटी और उभरती तकनीकों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। प्रस्तावित योजना के तहत वर्ष 2029 तक रांची में अत्याधुनिक आईटी पार्क शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पहले चरण में करीब 20 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने और अगले तीन वर्षों में इसकी क्षमता बढ़ाकर लगभग 75 हजार रोजगार अवसर तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया गया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और RMZ Infrastructure के अध्यक्ष दीपक छाबड़िया के बीच हुई बैठक में आईटी पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी-औद्योगिक निवेश को लेकर चर्चा हुई। प्रस्तावित पार्क के लिए आईआईएम रांची, नए विधानसभा परिसर और झारखंड हाईकोर्ट परिसर के आसपास करीब 100 एकड़ जमीन को संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है।

प्रस्तावित आईटी पार्क में आधुनिक कार्यालय और डिजिटल सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना है, ताकि देश-विदेश की तकनीकी कंपनियों को यहां निवेश के लिए आकर्षित किया जा सके। बैठक में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, न्यूक्लियर एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में बेंगलुरु का दौरा कर सकता है। वहां के आईटी पार्क, तकनीकी इकोसिस्टम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मॉडल का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश व्यवस्था और कंपनियों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेकर रांची के लिए कार्ययोजना तैयार करने में मदद ली जाएगी।

सरकारी जानकारी के अनुसार 75 हजार रोजगार का आंकड़ा परियोजना का लक्षित रोजगार अवसर है। फिलहाल इसे तैयार नौकरियों या घोषित भर्तियों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। परियोजना की जमीन, निवेश, निर्माण और कंपनियों के आने के बाद रोजगार के वास्तविक आंकड़े स्पष्ट होंगे।

इसके साथ ही, जनवरी 2026 में धुर्वा स्मार्ट सिटी में लगभग 100 एकड़ में आईटी पार्क विकसित करने की एक अलग योजना और करीब 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना भी सामने आई थी। मौजूदा प्रस्ताव में संभावित स्थल और रोजगार लक्ष्य अलग बताए गए हैं।