रांची, 29 सितंबर। दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर झारखंड पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी जिलों के आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी को पूजा पंडालों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, ट्रैफिक और विसर्जन जुलूस को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित करने और किसी भी महत्वपूर्ण घटना की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों तथा पुलिस मुख्यालय को देने को कहा है। लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी सभी पूजा पंडालों का सत्यापन कराने तथा वरीय अधिकारियों से पंडालों का भौतिक निरीक्षण कराने का निर्देश दिया गया है।
भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील पूजा पंडालों में सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी तैनात करने को कहा गया है। प्रमुख पंडालों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त रोशनी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाने तथा अधिक भीड़ वाले पंडालों में आपातकालीन निकास द्वार रखने पर भी जोर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
पूजा स्थलों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के साथ सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। आवश्यक स्थानों पर पुलिस हेल्पडेस्क बनाने तथा अग्निशमन सेवा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को सक्रिय रखने को कहा गया है। बिजली आपूर्ति को लेकर भी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मूर्ति विसर्जन के लिए जिलों को अलग सुरक्षा योजना तैयार करने को कहा गया है। विसर्जन की तारीख और जुलूस के मार्गों का सत्यापन, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा घाटों और नदियों पर गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विसर्जन जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी। डीजे और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल में न्यायालय के निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है।
पुलिस ने छेड़खानी, चोरी, छिनतई और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री और अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों की पहचान कर लगातार गश्ती और एंटी क्राइम चेकिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा तथा भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। थाना और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें कर पूजा समितियों एवं स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया है।
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूजा समितियों से पीओपी, थर्मोकोल और रेजिन फाइबर की प्रतिमाओं से बचने तथा प्राकृतिक मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने को कहा है। विसर्जन के बाद नदी, तालाब या झील के किनारे पूजा सामग्री और कचरा नहीं छोड़ने तथा विसर्जन स्थल की 24 घंटे के भीतर सफाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।