रांची, 27 सितंबर: कांग्रेस की प्रदेश अनुशासन समिति के कारण बताओ नोटिस के बाद पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता योगेंद्र साव शुक्रवार को रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अनुशासन समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में साव ने अपने बयानों के लिए माफी मांगने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड में जो कुछ हो रहा है, उसे सामने रखना जरूरी है और जनता से जुड़े मुद्दे उठाने पर वह माफी क्यों मांगें।
योगेंद्र साव ने कहा कि उन्होंने जिन मुद्दों को उठाया है, उनकी जानकारी पार्टी नेतृत्व और हाईकमान तक पहुंच चुकी है। अब पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कांग्रेस को कमजोर करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सामने रखना है।
दरअसल, कांग्रेस की प्रदेश अनुशासन समिति ने हाल में योगेंद्र साव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब देने और व्यक्तिगत रूप से समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा था। पार्टी ने उनके सार्वजनिक बयानों को पार्टी अनुशासन और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत माना था।
साव ने प्रशासनिक स्तर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर CO, BDO, थाना प्रभारी, SP और DC स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र में विस्थापन, मुआवजा और रोजगार से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। ये आरोप साव के अपने बयान हैं।
उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई की स्थिति में अपने दावों की जांच कराने की बात कही। साव ने कहा कि यदि उनके लगाए आरोप गलत साबित होते हैं, तो वह राजनीति छोड़ने तक को तैयार हैं।
इससे पहले भी योगेंद्र साव पार्टी अनुशासन को लेकर कांग्रेस की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। सितंबर में जारी नोटिस में पार्टी ने उनके पूर्व के अनुशासनात्मक मामले का भी उल्लेख किया था।