नई दिल्ली, 23 सितंबर: मोबाइल रिचार्ज को लेकर उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने टेलीकॉम कंपनियों को वॉयस और एसएमएस आधारित ऐसे रिचार्ज विकल्प बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिनमें मोबाइल डेटा शामिल नहीं होगा। इससे उन ग्राहकों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें इंटरनेट की जरूरत नहीं है और वे मुख्य रूप से कॉलिंग व एसएमएस के लिए मोबाइल कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं।
TRAI के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में वॉयस और एसएमएस-ओनली प्लान उपलब्ध हैं, लेकिन छोटे अवधि वाले विकल्पों की कमी को लेकर उपभोक्ताओं से सुझाव मिले थे। नई व्यवस्था के तहत कंपनियों को अलग-अलग वैधता अवधि वाले डेटा पैक के अनुरूप वॉयस-एसएमएस ओनली पैक उपलब्ध कराने होंगे। ऐसे प्लान में डेटा सेवा शामिल नहीं होगी और कीमत में भी उसके अनुरूप कमी किए जाने पर जोर है।
TRAI पहले से ही टेलीकॉम कंपनियों के लिए कम से कम एक 30 दिन की वैधता वाला प्लान और हर महीने उसी तारीख को रिन्यू होने वाला प्लान उपलब्ध कराने का प्रावधान रखता है। TRAI के अनुसार, यदि किसी महीने संबंधित तारीख उपलब्ध नहीं होती है, तो रिन्यूअल उस महीने की अंतिम तारीख को किया जाना है।
नए निर्देशों से खास तौर पर उन उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है जो स्मार्टफोन रखने के बावजूद मोबाइल डेटा का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं। ऐसे ग्राहकों के लिए केवल कॉलिंग और एसएमएस की जरूरत के हिसाब से अधिक विकल्प उपलब्ध होने की संभावना है। हालांकि, किस कंपनी का कौन-सा प्लान कितनी कीमत और वैधता के साथ आएगा, यह टेलीकॉम कंपनियों की ओर से घोषित किया जाएगा। TRAI सीधे मोबाइल टैरिफ की कीमत तय नहीं करता।