पर्यावरण संरक्षण में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी : राज्यपाल

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धनबाद, 21 सितंबर: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रविवार को धनबाद पहुंचे। बरवाअड्डा हवाईअड्डे पर जिला प्रशासन एवं आईआईटी-आईएसएम के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राज्यपाल IIT (ISM) Dhanbad परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला और आचार्य एवं व्यास सम्मान समारोह में हिस्सा लिया।

आईआईटी-आईएसएम के गोल्डन जुबली लेक्चर थिएटर में आरोग्य भारती और आईआईटी-आईएसएम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज, शैक्षणिक संस्थानों, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, उद्योगों और आम नागरिकों को मिलकर प्रयास करना होगा।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण और स्वास्थ्य का आपस में गहरा संबंध है। स्वच्छ वायु, निर्मल जल, पौष्टिक आहार और संतुलित जीवनशैली स्वस्थ जीवन के प्रमुख आधार हैं। जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण और जैव विविधता का संरक्षण आज बड़ी चुनौतियां हैं। राज्यपाल ने झारखंड के जंगलों, जलस्रोतों और प्राकृतिक संसाधनों को राज्य की महत्वपूर्ण संपदा बताते हुए इनके संरक्षण पर जोर दिया।

राज्यपाल ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में केवल उपचार के बजाय रोगों की रोकथाम, संतुलित पोषण, योग और स्वच्छ पर्यावरण को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना वर्तमान समय की आवश्यकता है।

इसके बाद राज्यपाल पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित एकल अभियान के आचार्य एवं व्यास सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए एकल अभियान के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य की भावना जरूरी है।

कार्यक्रमों में आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रो. धीरज कुमार, रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय सहित संस्थान के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। राज्यपाल के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।