मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने से बचाई जा सकती है जिंदगी : सिविल सर्जन

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रामगढ़, 11 सितंबर: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर गुरुवार को रामगढ़ सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम 10 से 16 सितंबर तक चलने वाले आत्महत्या रोकथाम सप्ताह के तहत हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने की। इस दौरान जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. तूलिका रानी, डीआरसीएचओ डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह, एमओ टू सीएस डॉ. विवेक कुमार, डीपीए आमोद कुमार सहित डीपीएमयू के सभी कर्मी उपस्थित रहे।

संगोष्ठी में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मानसिक तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय रहते पहचानना और जरूरतमंद व्यक्ति को उचित सहयोग एवं परामर्श उपलब्ध कराना आवश्यक है।

आत्महत्या रोकथाम सप्ताह के दौरान जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और आईईसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को मानसिक तनाव और अवसाद से उबरने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को छिपाने के बजाय उन पर खुलकर बात करने की जरूरत है। समय पर संवाद, सहयोग और आवश्यक सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जिंदगी बचाई जा सकती है।